बिद्यापति कोष दशगोटेकेँ बारहलाखस’ पुरस्कृत करत

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जनकपुरधाम–१९गते,चैत । नेपाल सरकारद्वारा कायम ‘विद्यापति पुरस्कार कोष’द्वारा दू वर्षके पुरस्कार प्रदान करब घोषणा कएलगेल छै ।
तात्कालीन संस्कृतिमन्त्री डा.मिनेन्द्र रिजालके कार्यकालमे नेपाल सरकारद्वारा २०६८ सालमे कोषके स्थापना कएलगेल छल ।
कोषके अखुनका रामबाबु चौधरी अध्यक्षताके नेतृत्व दू वर्षकेँ एक्कहिबेर पुरस्कार प्रदान करब निर्णय कएने छै ।
वर्ष–२०८० आ २०८१केँ पुरस्कार हेतु एहे बितल चैत–१२गतेधरि सूचना आह्वान कएलगेल छल । आ, आब २१गते पुरस्कारो प्रदान कएल जाएत ओ निर्णयो पर कोष पुगि गेल छै ।
बर्तमान नेतृत्वकेँ समय एहे चैत–२७ गतेमे समाप्त भरहल छै तैँ धरफर्रीमे अपन भार उतरब हेतु काज कएलगेल छै । ओ बात स्वयं कोष अध्यक्ष चौधरीस’ भेल गप्पसप्पमे बुझएमे आएल ।
किछुवर्षके छोडि़क’ प्रायवर्ष कोषद्वारा देल जायबाला पुरस्कार बिवादित बनैत आएल । तेकर मूल ओजह छै । नीयम, ऐन–काननुकेँ अन्देखल करैत मनपर्दी सही योगदानी श्रष्टाकेँ अन्देखल करैत पुरस्कृत करब ।
पाँच विद्याकक्षेत्रमे देल जाएबाला दूलाख नगद राशी सहितके पुरस्कारमे २०८०केँ नेपाल बिद्यापति मैथिली भाषा, साहित्य पुरस्कार–‘मैथिली विकास कोष’केँ आ २०८१ सालकेँ एहे पुरस्कार प्रा.भोला झाके देबकेँ निर्णय कएलगेल छै ।
एहिबेर संस्थागत रुपमे दुटा पुरस्कार आ ब्यक्तिगत रुपमे आठटा पुरस्कार पड़ल छै । अहुना हमरसभकेँ देशमे प्रायवाची बनिगेल छै—“काहब–सुनब,पहुँच–पकर, पार्टी, जाति आ लाठी” आधारमे काज होइत छै । लोक कतहु किछु दैत–लैत छै ।
तहिना एकलाख टाका नगद राशीके पुरस्कारमे २०८० सालके ‘नेपाल बिद्यापति मैथिली कला संस्कृति पुरस्कार’ रामकुमार मण्डल, ‘नेपाल बिद्यापति मैथिली अनुसन्धान पुरस्कार’ बिनोदकुमार यादव,‘नेपाल बिद्यापति मैथिली पाण्डूलीपी पुरस्कार’ श्यामसुन्दर शशि, ‘नेपाल बिद्यापति मैथिली अनुवाद पुरस्कार’ विद्यानन्द झाकेँ देल जाएत निर्णय कोष कएने छै ।
एहितरहें २०८१ सालकेँ ‘नेपाल बिद्यापति मैथिली कला संस्कृति पुरस्कार’ दीपा मिथिला आर्ट ग्यालरीकेँ, ‘नेपाल बिद्यापति मैथिली अनुसन्धान पुरस्कार’ माला कुमारी कर्ण,‘नेपाल बिद्यापति मैथिली पाण्डूलीपी पुरस्कार’ काशीकान्त झा, ‘नेपाल बिद्यापति मैथिली अनुवाद पुरस्कार’ श्यामसुन्दर यादवकेँ प्रदान करब निर्णय कएलगेल छै । जातिगत आधारमे उच्च वर्ग ४, यादव दू ,जनजाति दू गोटे पड़ल छै । मुदा दलित, अल्पसंख्यक नइ परि सकल छै !