जानकी प्रकाट्य दिवस,सार्वजनिक छुट्टी किए नइ ?
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जनकपुरधाम–१२गते, बैशाख । पुरातन समयमे जखनि धर्मक सम्बन्धमे शासनक हस्तक्षेपक पूर्णअभाव, तात्विक सामाजिक परम्पराकेँ प्राथमिकता देल जाइत छल । सदाचार वेद आ व्यवहार पर आधारित होइत छल । सदाचार प्रत्येक स्थानक फरक–फरक होइत छल । फरक–फरक स्थानक फरक–फरक परम्परा लोक–व्यवहार कायम छल ।
विदेह वा मिथिला जे कहि एकर अप्पन तरहक खाश परम्परा रहैत आएल अछि । मिथिलाके प्राचीन राजधानीनगरि जनकपुरधाममे माता सीता जानकी जन्म ग्रहण कएने स्थान छै ।
शिरध्वज जनकजी महाराजकेँ सानिध्यतामे सीताक परवरिस होइत अछि । बड लार दुलारस’ । फेर तात्कालीन कौशल प्रदेशक राजधानी अयोध्याक राजकुमार श्ररिामचन्द्र भगवानसंग सीताकेँ प्राणिग्रहण संस्कार पूर्ण होइत अछि । आइस’ सात हजार जतेक वर्ष पहिने ।
सीता प्रकाट्य स्थल बर्तमानसमयमेँ पायाके ओहिपार जनकपुरधामस’ ३८ किलोमीटर पश्चिम दक्षिणमे अवस्थीत भारतकेँ ‘सीतामढ़ी’मे । जेस्थान त्रेताकालमे पुण्याराण्यक नामस’ जानल जाइत छल ।
अखनि आरण्य(वन–जङ्गल) नहि अछि,शहरीकरण भगेल अछि आ बोलचालमे अखनो पुनौराधाम लोक सम्बोधन करैत अछि । मुदा सीता जन्म ग्रहण पछाइत स्थानक नाम माता सीताक नाम पर सीतामढ़ी पड़ल स्थानक नामेस’ बोध होइत अछि ।
माता सीता भूमिक गर्भस’ पुन्याराण्यमे जन्म ग्रहण कएने छलीह । बड़का भारी अकाल पड़ल छल । तखनि जनकजी विदेहपति मिथिला नरेश महाराज शिरध्वज जनक जनहितार्थ हर जोतबा लेल अग्रसता देखौलाह । जहिना हरकेँ फार भूमि भितरक एकटा तौलामे जाक लागल तौला फूटल आ ओहिमेस’ बालिका बहरएलीह ।
जनकजी महाराज भूमिस’ साक्षत जानकी प्रकट भलीह अछि । बालिकाकेँ कोदिमे उठाक महलमे अनलथि । बस ततकाले वर्षा शुरु भगेल आ आकालस’ लोककेँ राहत भेटल । ओ समय छल बैशाख शुक्लपक्ष नओमी तिथि ।
बैशाख शुक्लपक्ष नओमी तिथि सीता जयन्ती धूमधामसंग आस्था,श्रद्धा आ विश्वासक संग मनाओल जाइत अछि । एहि अवसर पर शीशमहल जानकी मन्दिर जनकपुरधाममे विशेष महत्वक संग सप्ताह व्यापी रुपमे विभिन्न कार्यक्रम आयोजन कऽकऽ जानकी जन्मोत्सव अर्थात् सीता जयन्ति मनाओल जाइत अछि । जे अहूसाल परम्परागत रुपमे आइ बैशाख १२ गते मनाओल जारहल अछि ।
एहि अवसर पर नेपाल सरकार राष्ट्रिय छुट्टी नइ दैत अछि । जखनि की रामजन्मोत्सव पर राष्ट्रव्यापि सार्वजनिक छुट्टी दैत आएल अछि । देवी देवताकेँ मान्य परम्परामे सेहो विभेदीत बात सरकारक रबैयास’ सिद्ध होइत अछि । अहिस’ हमर सबहक विभूति सीता माताकेँ संगेसंग नारी शक्तिक अपमान अछि ।
अपन भूमिमे जन्मग्रहण कएने देवी भगवती सीताकेँ जन्मोत्सव पर छुट्टी नइ ! अयोध्यामे जन्मल हुनक श्रीमान्क जन्मोत्सव पर छुट्टी ! हायरे दरिद्र मानस्कितावादी सरकारीतन्त्र, कनेक अहू पर विचार तऽहुओ !