नियन्त्रणमुखी उपायस’ सञ्चारक्षेत्रके समस्या समाधान नइ होएत

सीमाञ्चल समदिया

12 दिन पहिले प्रकाशित

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जनकपुरधाम–१०गते,चैत । वर्तमान समयमे सामाजिक सञ्जालके जञ्जालस’ बांचिक आधुनिक प्रविधिकेँ प्रयोग कएल जाय, त’ अनेक तरहक झण्झटिस’ बांचल जासकैए । समाज सुसभ्य, सुसंस्कृत होएत आ उदांम  व्यवस्था होबऽस’ रोकल जासकैए ।
  

 ‘ऑनलाइन मिडिया, युट्यूब तथा पत्रकारिताक्षेत्रके समसामायिक सबाल’ विषयक सम्बन्धमे रविदिन जनकपुरधाममे अभिमुखीकरण तथा छलफल कार्यक्रम भेल ।

 

प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम संघीय सञ्चार तथा सूचना प्रबिधि मन्त्रालयद्वारा आयोजन कएलगेल । जेकर समन्वय नेपाल पत्रकार महासंघ धनुषाशाखा मादे भेल ।
       

 कार्यक्रममे मधेश प्रदेशकेँ मुख्यमन्त्री शतिसकुमार सिंह पत्रकारसभकेँ उठाबबाला समसामायिक बातसभ ओ स्वयं उठौलाह । “पत्रकारिताक्षेत्र वर्तमान समयमे कठिन मोड़स’ गुजैर रहल अछि ।

 

विशेष रुपस’ आर्थिक रुपस’ पत्रकार, पत्रकारिताक्षेत्र आ सञ्चारगृहसभ सबल नइ भ’पावि रहल छै । एहि लेल प्रदेश सरकार आमसञ्चार प्राधिकरण मादे दैत आएल बजेटमे बृद्धि करैत प्रदान करत । मुदा ओहिस’ मात्र नइ होएत ।

 

संघीय सरकारकेँ नीतिगत निर्णय पत्रकार पत्रकारिताक विकास, संरक्षण प्रवद्र्धन हेतु करब आवश्यक अछि ।”प्रमुख अतिथिक आशनस’ बजैत सिंह कहलाह ।

 

अखनुका आर्थिक मन्दीके कारण आनक्षेत्र जकाँ पत्रकारिताक्षेत्र सेहो प्रभावित भेल छै । तैँ पत्रकारसभकेँ बृत्ति विकास लेल, सञ्चारक्षेत्रके सबलता लेल ठोस नीति खगता अछि । प्रदेश सरकार एहिमे गम्भिर छै । सेहो बात खुलस्त मुख्यमन्त्री सिंह कएलाह ।

  

‘सञ्चार माध्यमके एकद्वार प्रणालीस’ विज्ञापन देल जाए चाही मुदा देश प्रदेश कतहु ओ काज इमान्दारी पूर्वक नइ भरहल छै ।  स्वतन्त्र, निश्पक्ष आ तटस्त रुपस’ पत्रकारिता करब तखने सबदिन हेतु दरकारी विषय पत्रकारिता बनल रहत’! मुख्यमन्त्री सिंह सहभागी पत्रकारसभकेँ ओहि दिस ध्यान केन्द्रित करौलाह ।
   

 नेपाल पत्रकार महासंघ धनुषाक अध्यक्ष पुरन साह ‘ हमपत्रकारसभ अखनुका समयमे गुणात्मक रुपस’ पाठककेँ मन जीतमे असफल भरहल छी’ कहलाह । अपन धारना राखैत नेपम अध्यक्ष साह ‘ अखुन मिडियाप्रति विश्वासनीयताकेँ प्रश्नचिन्ह खाड़ भरहल छै । एहिप्रति सञ्चारक्षेत्रकेँ अत्याधिक गम्भिर होएब आवश्यक अछि ।’ अध्यक्ष साह सम्बोधन क्रममे कहलाह ।

 

नेपम केन्द्रिय सदस्य राजेशकुमार कर्ण अपन विचार राखैत–‘मिडियाकेँ नियन्त्रणमुखी उपाय समस्याक समाधान किमार्थ नइ होबऽ सकैए । युट्यूब, फेशबूक आदि समाजिक सञ्जाल मादे होबबाला प्रशारणकेँ नियमन कएल जाय । मुदा, नीमन कन्टेन्टसभकेँ लेल प्रोत्साहन आ पुरस्कृत समेत कएल जाय चाही ।

 

बिकृतियुक्र संस्कृतिकेँ विकास नइ होए ओ ध्यान देब आवश्यक छै । से धारना रखैत केस कर्‌ण–भारत उत्तर प्रदेश सरकारक उदाहरण दैत कहलाह ‘युट्यूबर सभकेँ नीक कनटेन्टसभकेँ मूल्यांकणक आधार पर दू लाखस’ आठ लाख टाकाधरि प्रोत्साहन स्वरुप ओतुका सरकार सालाना रकम देबकेँ आरम्भ एहिबेर महाकुम्भ मेला समयस’ कएलक अछि ।

 

कियक नइ हमरोसभकेँ सरकार एहन काज करए आ तखन अश्लिल, गल्त भ्रामक बस्तुसभकेँ परोसब पर आपरुप नियन्त्रिण होइत जाएत । जे नइ होएत तेहनसभकेँ दण्डित कएल जाय, ओहन सिस्टम कएल जाय चाही । पत्रकार कर्ण सेहो सुझाब देलाह ।
      

 कार्यक्रममे प्रेस काउन्सिल नेपालक उपप्रशासकीय प्रमुख अबदुल्लाह मियाँ, आचार संहिता, मिडिया अनुगमन, आदि सम्बन्धि तिन विषयक कार्यपत्र चरणबद्ध प्रस्तुत कएलाह । ततहि सञ्चार तथा सूचना प्रबिधी मन्त्रालयक  उपसचिव एवं प्रवक्ता ममता बास्तोला असल पत्रकारिताक अभ्यास पर केन्द्रित तथा मन्त्रालयक कार्यक्षेत्र बारेमे कार्यपत्र प्रस्तुत कएलीह ।

 

मधेश प्रदेशके मुख्यमन्त्रीक प्रेस सल्लाहकार अनिलकुमार कर्ण मधेशक पत्रकारिताक वर्तमान अवस्था विषयक कार्यपत्र प्रस्तुत करैत विवादित एवं भ्रामक बात कहिक इतिश्री कएलाह । तराई–मधेशक्षेत्रक पत्रकारिताक इतिहासकेँ घोकचाबकेँ काज आ अपन प्रस्तुति आ अभिव्यक्तिद्वारा कएलाह ।  
  

 संघीय मन्त्रालयक सहसचिव कोषहरि निरौला, मधेश प्रदेशके प्रमुखसचिव मदन भुजेल, गृह,सञ्चार तथा कानुन मन्त्रालयक सचिव उद्धवप्रसाद शर्मा सहित सरोकारबालासभकेँ सहभागितामे कार्यक्रम भेल ।

 

जाहिमे  पत्रकार सहित एकसय जतेक लोक प्रत्यक्ष सहभागी छल । सम्पन्न कार्यक्रमक कूल बजेट सात लाख टाका रहल ओ पुछला पर मन्त्रालयक प्रवक्ता ममता बास्तोला बतौलीह ।  फोटो श्रोतः पुरण साह

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