सीमाञ्चल समदिया,
जनकपुरधाम । देशमे लागु कएलगेल संसारके सर्वोत्कृष्ठ संविधानको बैनते जारी होइते बिरोध शुरु भगेल छल । तथापि सत्ताधानरक चेतलक नइ तकर परिणति छै हरेक वर्ष संविधान दिवसके दिन संविधानको दहन करब काज मधेश केन्द्रित दलद्वारा होइत आएल छै ।
नेपाल देशके नवका संघीय लोकतान्त्रिक संविधान-२०७२केँ बिरोधमे अहूबेर तराइ-मधेशक्षेत्रमे बिरोध कएलगेल छै । शनि दिन जनता समाजवादी पार्टी नेपालद्वारा मिथिला नगरि जनकपुरधाममे बृहत् बिरोध प्रदर्शन कएलगेल छै ।
स्थानीय जनकचौक पर जसपा समर्थिक हजारो कार्यकर्ता, नेता एकठाम जम्मा भ’क’ नगरमे नारा लगबैत बिरोध जुलुस प्रदर्शन कएलक । संविधान बिरोधी जुलुसमे प्रदेश २ के भौतिक पूर्वाधार विकास मन्त्री जीतेन्द्र सोनल, जसपा नेता संघीय साँसद उमाशंकर अरगरिया, प्रदेशसाँसद प्रमेश्वर साह , रामअशिष यादब, वार्ड नं.७के अध्यक्ष जानकी राम साह, युवा अभियन्ता संजय चौधरी, जनकपुरधामके उपप्रमुख रीता झा मिश्र, महिला नेत्री विभा ठाकुर, बिन्दु ठाकुर, विभा पाण्डे आदि सहितके दलगत लोकके हुजुम सामेल छल ।
प्रदर्शनमे सामेल जसपा नेता, कार्यकर्ता एवं समर्थकसब प्रधानमन्त्री केपी ओली नइ चाही ! नइ चाही-नइ चाही !! मधेश बिरोधी संविधान स्वीकार्य नइ होएत नइ होए । संविधान संशोधन जल्दी कर जल्दी कर । जनघाती सरकार मधेशके मांग पुरा कर ! जेहन बिरोधात्मक उत्तेजक नारा धनकबैत नगरभैर बिरोध प्रदर्शन कएलगेल । तेकराबाद पुनः जनकर्चौकमे आइबक कोणसभामे परिण भ’क’ संविधान बिरोधी जुलुस सभा समापन भेल ।
नव नेपालके नवका संविधान-२०७२ साल आश्विन-३ गते जारी भेल छल । एकदिस संविधान जारी भेला पर खुशीयालीमे एकवर्ग दिपोत्सव मनौलक । दोसर दिश तराइ मधेशमे ब्लेक आउट दिवस मनाओल गेल । जे क्रम अहुबेर दोहराएल । मुदा मधेशवादीयो दल अहि संविधान अन्तर्गत सत्ता आ सरकारमे सन्हियाएत आएल छै तखन बिरोधी स्वर चिन्तन कत’ हेराइछै, राम जाने ।
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