कलवार बैश्य की क्षत्री ?

व्याहुत सेवा समितिके निर्वाचन प्रतिस्पर्धामे शंकर-श्याम

२०७९ भाद्र २५, शनिबार ०८:२८
सीमाञ्चल समदिया
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जनकपुरधाम । मिथिला नगरि जनकपुरधाममे विभिन्न जातीय-कुट्टी एवं संस्थासभ छै । ताहि मध्ये एकटा ‘व्याहुत सेवा समिति’ कलवार कुट्टी सेहो छै । एहि समितिक/ कुट्टीके लेल नव नेतृत्व चयन हेतु आइ शनिदिन चुनाव हुअ लागल छै । चुनावी प्रतिस्पर्धामे अध्यक्ष पदमे दू गोटे उतरल छैथ ।

 

सामाजिकक्षेत्रमे लागल अपन साकारात्मक काजस’ नवपहिचान बनाबमे लागल शंकर साह एवं दोसर छै श्याम साह । जाहिमे उम्मेदगर उम्मेदवार साहके मानल जारहल छै । अध्यक्ष पदके प्रतिस्पर्धामे रघुनाथ साह सेहो छलाह मुदा ओ शंकर साहके समर्थन कदेला पर साहके पलरा आरो भारी भगेल छै ।

 

अध्यक्ष पदके उम्मेदगर उम्मेदवार शंकर समितिके कोषाध्यक्ष भक’ काम कचुकल छै एवं जातीय समुदायबीच सेहो पकर बनालेने बताओल जारहल छै । मिडियाक्षेत्रमे सेहो पकर बनौने छैथ । ‘डेली एक्सप्रेस’ पत्रिकाकाके प्रकाशक एवं ‘प्रकाशक महासंघ नेपाल’के अध्यक्ष आ माला कलर प्रिन्टिंग प्रेसका संस्थापक सेहो छैथ ।

 

दोसर उम्मेदवार श्याम साह सेहो नाम नइ चलल मादेके लोक नइ छै । मुदा, हिनक नाम दोसरो रुपमे चर्चामे रहैत आएल छै । एहो बिभिन्न सामाजिक संघ संस्थामे आवद्ध रैहत आएल छैथ ।

 

निर्वाचनस’ अध्यक्ष सहित उपाध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष एवं चाइरटा सदस्य चयन कएल जाएत । जाहि मादे उपाध्यक्षमे सञ्जयप्रसाद साह एवं महासचिवमे जितेन्द्रप्रसाद साह निर्बिरोध निर्वाचित भचुकल छैथ । आब अध्यक्ष, सचिवमे दू-दू गोटे,कोषाध्यक्षमे तीनगोटे एवं कार्यसमिति सदस्यमे ७ गोटे प्रतिस्पर्धामे उत्रल छैथ, सेहो जनतब भेटल ।

 

नेपालमे २०६८ सालके जातीय जनगणना/तथ्यांक अनुसार देशभैरमे ‘कलवार’ जातिसभके संख्या-१,२८,२३२/- रहल छै । बैदिककालीन सभ्यता अनुसार चाइर वर्णीय ब्यवस्थामे कलवारसभ ‘क्षत्री’ अन्तर्गत पड़ैत छैथ ।

 

तथापि कलवारसभ अपनाके बैश्यजातिमे गणना करबैत आएल छैथ । प्राचीन जातीय विभाजन अनुसार कलवारसभ चन्द्रवंशीय क्षत्री छैथ । बृष्णी एवं संकषणर् परिवारीक समूहस’ हिनकसभके उत्पति सम्बन्ध रहल तथ्य भेटैत छै ।

 

अर्थात् बृष्णी परिवार(यादव-गुवार) भेल एवं ‘संकर्षन’ ‘नागवंश’ कूल-परिवार भेल ओ बुझल जाय । अइ हिसाबस’ कलवारसभ बैश्य भइए नइ सकैए तथापि ओ सभ अपनाके बैश्य मानैत छैथ; ओहि जातीय कलष्टरमे अपनाके पहिचान स्थापित करैत/करबैत आएल छैथ ।

 

हिनक कूलपुर्खा हलधर बलराम माने ‘बलभद्र’ छै जिनका कलवारसभ मानैत पुजैत छै । कलवारमे ब्याहुत एवं सगाहुत आ कलाल मीलाक तीनखण्डमे बिभाजित जातिके रुपमे लोक समाजमे रहैत बसैत आएल छै ।

सूचना-सन्देश—

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